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अंतिम अपडेट: 03 Nov 2026आधिकारिक सूचनाराज्य सरकारsyllabus

HPRCA अध्यापक पाठ्यक्रम 2026 — पिईटी, अध्यापक (शारीरिक शिक्षा) एवं अध्यापक (संस्कृत) हेतु CBT पाठ्यक्रम

Himachal Pradesh Rajya Chayan Aayog (HPRCA), Hamirpur

Himachal Pradesh - Himachal Pradesh

सक्रिय

⚠ आवेदन से पहले सभी विवरण (तिथियाँ, पात्रता, खाली पद) आधिकारिक सूचना से जाँचें। Rojgarpulse एक सूचना एग्रीगेटर है और कोई सरकारी निकाय नहीं है।

HPRCA अध्यापक पाठ्यक्रम 2026 — पिईटी, अध्यापक (शारीरिक शिक्षा) एवं अध्यापक (संस्कृत) हेतु CBT पाठ्यक्रम महत्वपूर्ण तिथियाँ 2026

आवेदन प्रारंभ तिथि4 Nov 2026

HPRCA अध्यापक पाठ्यक्रम 2026 — पिईटी, अध्यापक (शारीरिक शिक्षा) एवं अध्यापक (संस्कृत) हेतु CBT पाठ्यक्रम पूर्ण विवरण

HPRCA अध्यापक पाठ्यक्रम 2026 — पिईटी, अध्यापक (शारीरिक शिक्षा) एवं अध्यापक (संस्कृत) हेतु CBT पाठ्यक्रम

HPRCA अध्यापक भर्ती 2026 के बारे में

  • हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (HPRCA) ने तीन अध्यापक पदों — शारीरिक शिक्षा अध्यापक (PET), अध्यापक (शारीरिक शिक्षा), एवं अध्यापक (संस्कृत) — हेतु कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) का HPRCA अध्यापक पाठ्यक्रम 2026 जारी किया है।
  • तीनों पाठ्यक्रम PDF आधिकारिक HPRCA वेबसाइट पर 10 अगस्त 2026 को अपलोड हुए।
  • HPRCA अध्यापक भर्ती सूची में 2,423 पद बताए गए हैं (बताई गई — पदवार विभाजन आधिकारिक भर्ती अधिसूचना से पुष्टि करें)।
  • आधिकारिक वेबसाइट: https://hprca.hp.gov.in/
  • डाउनलोड खंड (पदवार पाठ्यक्रम PDF हेतु): hprca.hp.gov.in/download
  • उम्मीदवार पदवार पाठ्यक्रम PDF केवल आधिकारिक HPRCA वेबसाइट से डाउनलोड करें।

HPRCA अध्यापक पाठ्यक्रम 2026 — अवलोकन

विवरणजानकारी
आयोजक निकायहिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (HPRCA)
शामिल पदशारीरिक शिक्षा अध्यापक (PET), अध्यापक (शारीरिक शिक्षा), अध्यापक (संस्कृत)
परीक्षा मोडकंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT)
पाठ्यक्रम जारी तिथि10 अगस्त 2026
परीक्षा पैटर्न विवरणअंक, प्रश्न-संख्या, अवधि एवं नकारात्मक अंकन पाठ्यक्रम दस्तावेज़ों में निर्दिष्ट नहीं (नोट देखें)
कार्य स्थानहिमाचल प्रदेश
आधिकारिक वेबसाइटhprca.hp.gov.in
  • तीनों पाठ्यक्रमों में एक समान सामान्य जागरूकता खंड है।
  • विषय पाठ्यक्रम प्रत्येक पद के लिए भिन्न है।

HPRCA अध्यापक पाठ्यक्रम 2026 के अंतर्गत पद

पाठ्यक्रम दस्तावेज़संरचना
PET (शारीरिक शिक्षा अध्यापक)6 विषय-खंड (A से F) प्लस सामान्य जागरूकता
अध्यापक (शारीरिक शिक्षा)13 विषय-खंड (A से M) प्लस सामान्य जागरूकता
अध्यापक (संस्कृत)संस्कृत व्याकरण, साहित्य, भाषा-शास्त्र, दर्शन, वैदिक साहित्य, धर्मशास्त्र, एक-वर्षीय B.Ed विषय प्लस सामान्य जागरूकता
  • PET एवं अध्यापक (शारीरिक शिक्षा) अलग-अलग पद हैं, जिनके लिए HPRCA ने अलग-अलग पाठ्यक्रम दस्तावेज़ जारी किए हैं; दोनों के व्यापक क्षेत्र ओवरलैप करते हैं पर गहराई भिन्न है।

HPRCA चयन प्रक्रिया एवं परीक्षा पैटर्न 2026 — स्थिति नोट

  • HPRCA द्वारा अपलोडित आधिकारिक पाठ्यक्रम PDF केवल CBT परीक्षा का विषयवार एवं विषयवार पाठ्यक्रम सूचीबद्ध करते हैं।
  • कुल अंक, प्रश्न-संख्या, परीक्षा अवधि, श्रेणीवार (UR/EWS/OBC/SC/ST) उत्तीर्णक अंक एवं नकारात्मक अंकन जैसे विवरण इन दस्तावेज़ों में निर्दिष्ट नहीं हैं।
  • उम्मीदवार परीक्षा पैटर्न एवं चयन प्रक्रिया विवरणों हेतु HPRCA द्वारा अलग से जारी विस्तृत भर्ती अधिसूचना फैसल करें तथा नवीनतम आधिकारिक अधिसूचना से सत्यापित करें।

पाठ्यक्रम 1 — HPRCA शारीरिक शिक्षा अध्यापक (PET)

  • PET पाठ्यक्रम छह मुख्य खंडों (A–F) प्लस सामान्य जागरूकता में विभाजित है।

PET — (A) शारीरिक शिक्षा के मूल एवं नितंत्रित इतिहास

  • शारीरिक शिक्षा के आधार: अर्थ, परिभाषा, प्रकृति एवं म्हारद व्यापार; धेय एवं उद्देश्य; शारीरिक शिक्षा के वृहत् मानवीय अभ्यास स्वरूप; जैविक एवं सामाजिक विज्ञानों से संबंध।
  • शारीरिक शिक्षा का इतिहास: भारत में विकास; प्राचीन ओलंपिक; आधुनिक ओलंपिक; एशियाई खेल; कॉमनवेल्थ गेम्स; दक्षिण एशियाई ओलंपिक।
  • खेल नीति एवं योजनाएँ: राष्ट्रीय खेल नीति; फ़िट इंडिया आंदोलन; खेलो इंडिया कार्यक्रम; हिमाचल प्रदेश हेतु खेल प्रोत्साहन योजनाएँ; राष्ट्रीय एवं राज्य पुरस्कार; अंतर्राष्ट्रीय, समूह-राष्ट्री एवं राज्य खेल संस्थान।

PET — (B) खेल शरीर रचना, शरीर क्रिया विज्ञान एवं व्यायाम विज्ञान

  • मानव शरीर रचना एवं शरीर क्रिया विज्ञान: अस्थि, पेशी, रक्त-संचालन, श्वसन, पाचन, तंत्रिका तंत्र; उत्तोलिका (Levers); शरीर-संधियाँ; अस्थि प्रकार।
  • व्यायाम शरीर क्रिया विज्ञान: व्यायाम प्रभाव; वायवीय एवं अवायवीय व्यायाम; वार्म-अप एवं कूल-डाउन; शेमीन एवं अप्रसन्नता; ऑक्सीजन-ऋण।
  • काइनेसियोलॉजी एवं बायोमैकेनिक्स: मानव गति; तल एवं अक्ष; बल एवं गति; न्यूटन के गति नियम; संतुलन एवं समता; गुरुत्व केंद्र।
  • स्वास्थ्य एवं पोषण: संतुलित आहार; मैक्रो- माइक्रो पोषक तत्व; विटामिन-खनिज; खेल पोषण; जल-सेवन; भार प्रबंधन; BMI एवं मोटापा।

PET — (C) खेल मनोविज्ञान एवं समाजशास्त्र

  • खेल मनोविज्ञान: अर्थ एवं व्यापार; व्यक्तित्व; प्रेरणा; अधिगम; चिंता; तनाव; आक्रामकता; ध्यान एवं एकाग्रता।
  • खेल समाजशास्त्र: सामाजिक संस्था के रूप में खेल; खेल द्वारा समाजीकरण; नेतृत्व; टीम-गतिशीलता; खेल-भाव एवं नैतिकता।
  • वृद्धि एवं विकास: वृद्धि-चरण; शारीरिक क्रिया विकास; कौशल सीखने (Motor Skills)।

PET — (D) खेल प्रशिक्षण एवं काइनशीियलिकल शिक्षण-शास्त्र

  • खेल प्रशिक्षण सिद्धांत: अतिभार (Overload); विशिष्टता; प्रगति; प्रतिवर्त्यता (Reversibility); वैयक्तिकीकरण।
  • प्रशिक्षण विधियाँ: निरंतर, अंतराल, सर्बित (Circuit), फ़र्टलेक एवं प्लायोमेट्रिक प्रशिक्षण।
  • शारीरिक फ़िटनेस के घटक: बल; गति; सहनशक्ति; लचिलापन का अधिकार (Flexibility); समन्वय; दरिढ़।
  • शिक्षण-शास्त्र: शैक्षिक रीतियाँ; पाठ-नियोजन; कक्षा-प्रबंधन; श्रव्य-दृश्य साधन।

PET — (E) संगठन, प्रशासन एवं खेल चिकित्सा

  • संगठन एवं प्रशासन: विद्यालय खेल-प्रबंधन; बजट तैयारी; खेल परिसर; उपकरण प्रबंधन।
  • स्पर्धा संगठन: नॉकेर (Knock-out); लीग; राउंड-रॉबिन; संयुक्त; चैलेंज स्पर्धा; शेड्यूल (Fixture) निर्माण।
  • खेल चिकित्सा: प्राथमिक उपचार; खेल चोटें; धस्से (Sprain), वेसा (Strain), अस्थिभंग (Fracture) एवं उघरण (Dislocation); शीत-ऊष्मा उपचार (Cryotherapy एवं Thermotherapy)।

PET — (F) खेलों के नियम, निर्णायकी एवं कोचिंग

  • इतिहास, नियम, आयाम, उपकरण, निर्णायकी संकेत एवं मूल कौशल।
  • टीम खेल: कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट, हॉकी, हैंडबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, शतरंज।
  • व्यक्तिगत खेल: एथलेटिक्स (ट्रैक-फ़ील्ड घटनाएँ), पहलवानी, मुक़ाबला, ताएक्वॉन्डो, जूडो, कुराश, कराटे।
  • पारंपरिक गतिविधियाँ: योग (आसन, प्राणायाम, अष्टांग योग), जिमनास्टिक।

PET — सामान्य जागरूकता

सामान्य जागरूकता क्षेत्रस्तर / कवरेज
सामान्य ज्ञान (हिमाचल प्रदेश सामान्य ज्ञान सहित)सामान्य
समसामयिकीसामान्य
दैनिक विज्ञानसामान्य
तार्किक तर्कशक्तिसामान्य
सामाजिक विज्ञानकक्षा 10 स्तर
सामान्य अंग्रेजीकक्षा 10 स्तर
सामान्य हिंदीकक्षा 10 स्तर
  • यह सामान्य जागरूकता खंड तीनों पदों में समान है (आधिकारिक दस्तावेज़ों में समान शब्द जोड़ी गई है)।

पाठ्यक्रम 2 — HPRCA अध्यापक (शारीरिक शिक्षा)

  • अध्यापक (शारीरिक शिक्षा) पाठ्यक्रम PET पाठ्यक्रम से अधिक विस्तृत है तथा 13 खंडों (A–M) प्लस सामान्य जागरूकता में विभाजित है।

PE — (A) शारीरिक शिक्षा का इतिहास, निर्देश एवं आधार

  • शारीरिक शिक्षा का अर्थ, परिभाषा एवं व्यापार; धेय एवं उद्देश्य; वर्तमान युग में महत्व; उत्त 인स्फुटाएँ (Misconceptions); सामान्य शिक्षा से संबंध।
  • भारत में शारीरिक शिक्षा का ऐतिहासिक विकास: सिंधु घाटी सभ्यता काल (3250 ईसा पूर्व–2500 ईसा पूर्व), वैदिक काल (2500–600 ईसा पूर्व), प्रारंभिक हिंदू-काल (600 ईसा पूर्व–320 ईसी), बाद का हिंदू-काल (320–1000 ईसी), मध्यकाल (1000–1757 ईसी), ब्रिटिश काल (1947 से पूर्व), भारत में शारीरिक शिक्षा (1947 के बाद); आखाड़ों एवं व्यायामशालाओं योगदान; YMCA का योगदान।
  • दार्शनिक आधार: आदर्शवाद, व्यावहारिकवाद, प्राकृतिकवाद, यथार्थवाद, मानववाद, अस्तित्ववाद, भारतीय दर्शन एवं संस्कृति; फ़िटनेस एवं कल्याण आंदोलन; खेल सब के लिए (Sports for All)।
  • शारीरिक शिक्षा के निर्देश: जैविक वृद्धि एवं विकास, आयु-लिंग विशेषताएँ; मनोवैज्ञानिक पहलू (अधिगम प्रकार, अधिगम-वक्र, अधिगम-नियम, अंदरुनी रुझान, इंच (Interest), बोध, भावनाएँ); समाज-shास्त्रिय निर्देश (Sociological Foundations); नेतृत्व; हालिया सार्वजनिक नीतियाँ।

PE — (B) मानव शरीर रचना एवं शरीर क्रिया विज्ञान

  • शरीर रचना एवं शरीर-क्रिया विज्ञान का परिचय; कोशिका, ऊतक, अंग, तंत्र — संरचना एवं व्यापार।
  • अस्थि तंत्र: अस्थि की संरचना, संयुआत, व्यापार; अस्थि स्थिति, संधियाँ एवं वर्गीकरण।
  • रक्त-संचालन तंत्र: रक्त घटक एवं व्यापार; हृदय स्थिति, संरचना, व्यापार; प्रमुख रक्त-वाहिकाएँ; रक्तचाप (BP), हृदय चक्र (Cardiac Cycle), हृदय-आउटपुट, नाड़ी-दर, खेलहृदय (Athlete's Heart)।
  • ऊतकशास्त्र (Histology): कोशिका, रक्त, कंकाल पेशी, त्वचा, नेस्र (Nephron), न्यूरोन; रक्तचाप, जीवन-क्षमता (Vital Capacity), नाड़ी-दर मापन।
  • पाचन तंत्र: संरचना एवं पाचन-क्रिया-तंत्र।
  • पेशी तंत्र: प्रकार, संरचना, पेशियों के व्यापार; कंकाल-पेशी संपीड़न-तंत्र।
  • तंत्रिका तंत्र: मस्तिष्क-भाग, रीढ़-ग्रंथि, न्यूरोन-संरचना एवं प्रकार; प्रतिवर्ती क्रिया एवं प्रतिवर्ती-वृत्त (Reflex Arc)।

PE — (C) ओलंपिक आंदोलन

  • उत्पत्ति, दर्शिता, प्रारंभिक इतिहास, विकास-चरण; शैक्षिक एवं सांस्कृतिक मान।
  • आधुनिक ओलंपिक खेल: उपकथ, छल्ले (Rings), ध्वज, प्रोटोकॉल, नैतिक उपाधान (Ethics), चuale �ीत-फ़ोर्स ऑलिम्पिज़्म (Olympism in Action), खेल-सब हेतু।
  • ओलंपिक के प्रकार: पैरा, ग्रीष्म, शीत, युवा।
  • सेनेट्स संत संगठन (Committees): IOC, NOC, ओलंपिक आयोग, भारत के पदक विजेता।
  • कॉमनवेल्थ गेम्स एवं एशियाई ओलंपिक।

PE — (D) योग शिक्षा

  • अर्थ, परिभाषा, धेय, उद्देश्य; प्रकार: राज, मंत्र, भक्ति, कर्म योग।
  • अष्टांग योग दर्शन: यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, सममधि।
  • हठ योग: अर्थ, दर्शितपठ, घाना (Constituents); शुद्धि-क्रियाएँ (Shudhi Kriyas): नेति, धौती, कपालभांति, नौलि।
  • आसन: वर्गीकरण, तूफ़ानी-विधियाँ, लाभ (भुजंग, शलभ, धनुष, खल, मत्स्य, उष्ट्र, पश्चिमोत्तन आदि)।
  • बनध एवं मुद्राएँ: जालंधर, उड्डियान, मूल, शीर्ष, सर्वांग, विपरीत, योग-मुद्रा।
  • प्राणायाम: उज्जै, भस्त्रिका, कपाल भांति, शीतली, चीत्कारी, भ्रामरी।
  • खेल एवं आधुनिक जीवन में योग की भूमिका।

PE — (E) काइनेसियोलॉजी एवं बायोमैकेनिक्स

  • अर्थ, परिभाषा, महत्व; मूल गति-शर्तावली; अक्ष, तल, गुरुत्व केंद्र, संतुलन, गुरुत्व-रेखा।
  • शरीर-संधियों एवं पेशियों का वर्गीकरण; उत्तोलिका — अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं मानव शरीर में अनुप्रयोग।
  • न्यूटन के गति-दर्शितपठ एवं खेलों में अनुप्रयोग; प्रक्षेप्य पथ-तत्व।
  • मानव गति की गतिशीलता एवं बल-गतिशीलता (Kinematics एवं Kinetics); खेलों में बायोमैकेनिक्स अनुप्रयोग।
  • चाल, दौड़, कूद, फेंक का यांत्रिक विश्लेषण।
  • मालिश: अर्थ, परिभाषा, संक्षिप्त इतिहास; Relaxation के रूप में मालिश; मालिश के सामान्य प्रभाव; पहुँच-क्रियाओं एवं गतियों का वर्गीकरण।

PE — (F) खेल प्रशिक्षण

  • खेल प्रशिक्षण का अर्थ, परिभाषा, धेय एवं उद्देश्य; खेल प्रशिक्षण के नियम।
  • खेल-प्रशिक्षण तंत्र: मूल प्रदर्शन, उत्तम प्रदर्शन, उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण-घटक।
  • बल, गति, सहनशक्ति, समन्वय, लचिलापन हेतु विकास-अवयव एवं विधियाँ।
  • प्रशिक्षण-प्रक्रिया: प्रशिक्षण-भार — अर्थ एवं प्रकार; उपस्थिति-दिशा (Intensity) एवं परिमाण-उद्देश्य सिद्धांत।
  • तकनीकी प्रशिक्षण एवं रणनीतिक प्रशिक्षण — अर्थ एवं विधियाँ।
  • प्रशिक्षण-प्रोग्रामिंग एवं नियोजन; आवश्यकता-वृद्धि (Periodization) — अर्थ, प्रकार, धेय एवं अवधियों की सामग्री (तैयारी, प्रतिस्पर्धा, परिवर्तनकारी)।
  • प्रशिक्षण-सत्र नियोजन; उपाय-पहचान एवं विकास (Talent Identification एवं Development)।

PE — (G) खेल मनोविज्ञान एवं समाजशास्त्र

  • शैक्षिक एवं खेल मनोविज्ञान का अर्थ, महत्व, व्यापार; वृद्धि एवं विकास-चरण।
  • वैयक्तिक भिन्नताओं के प्रकार तत्प्रकृति; वशानुगत्य एवं पर्यावरण।
  • शारीरिक शिक्षा एवं खेलों में मानव-व्यवहार के मनो-समाजशास्त्रिय पहलू।
  • अधिगम की प्रकृति, अधिगम के सिद्धांत, अधिगम-नियम, अधिगम-पत्थर (Plateau), प्रशिक्षण-स्थानांतरण।
  • व्यक्तित्व: अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ, विध व (Dimensions), व्यक्तित्व एवं खेल प्रदर्शन।
  • प्रेरणा: प्रकृति, तत्व, तकनीकें एवं खेल-प्रदर्शन पर प्रभाव।
  • मानसिक तूफ़ान-तैयारी रणनीतियाँ: ध्यान-केंद्र, स्व-वाचन (Self-talk), विश्रांति, प्रतिबिम्बन (Imagery); आक्रामकता एवं खेल।
  • सस्वर्ण एवं तनाव: अर्थ, प्रकृति, प्रकार, खेल-प्रदर्शन पर प्रभाव।
  • समूह-गतिशीलता, समूह-सुराहा (Cohesion), खेल-नेतृत्व; बोध-प्रक्रिया — स्मृति एवं चिंतन।
  • मोटर-कौशल अधिगम के नियम; प्रशिक्षण-स्थानांतरण एवं उसके प्रकार।

PE — (H) परीक्षण, मापन एवं मूल्यांकन

  • अर्थ, आवश्यकता, महत्व, नियम; उत्तम परीक्षण के मार्गदर्शक: विश्वसनीयता, विस्तारक वैमेस्य (Objectivity), वैधता, मानक (Norms)।
  • व्यवस्थापन: तैयारी, परीक्षण के दौरान एवं बाद का दायित्व।
  • शारीरिक फ़िटनेस परीक्षण: AAHPER, राष्ट्रीय, इंडियाना मोटर फ़िटनेस टेस्ट।
  • खेल-कौशल परीक्षण: बैडमिंटन, बास्केटबॉल, सॉकरंज (Soccer), वॉलीबॉल, हॉकी।
  • फ़िटनेस, मोटर-क्षमता, तथा मनोवैज्ञानिक चल हेतु परीक्षण (चिंता, आक्रामकता, सुराहा, तथा स्व-पूर्ति)।
  • शरीर-क्रिया परीक्षण: रुधिरचाप, श्वास-आवृत्ति, जीवन-क्षमता, हृदय-दर (HR), नाड़ी, शरीर-ताप, शरीर-गठन।

PE — (I) खेल चिकित्सा, फिज़ियोथेरेपी एवं पुनर्निर्माण (Rehabilitation)

  • अर्थ, धेय, उद्देश्य, महत्व; खेल-प्रतिपत्ति की भरपाई एवं पुनर्निर्माण।
  • खेल-चोट: सुरक्षा, निदान, प्राथमिक उपचार, उपचार (लकड़ सा लकीर (Laceration), फ़फ़JRे (Blisters), आदि आदि, कर्षण-स्वयं, अम्नशांती खोजें); पट्टिका (Bandages), समर्थन (Supports)।
  • फिज़ियोथेरेपी: नियम, जल-चिकित्सा, शीत-ऊष्मा चिकित्सा, विपरीत स्नान (Contrast Bath), वर्लपूल, सौना, स्वीडिश मालिश।
  • औषधीय व्यायाम: शरीर-संधियों एवं धड़ हेतु परिधी एवं सक्रिय गतियाँ।
  • सामान्य चोटें: धस्सा, वेसा, अस्थिभंग, वेक्ष, उपवश (Abrasion), घोट (Bruise), फ़वर्नी (Blisters), माकJa बुद्ध, व्यावहारिक पोर फोरन पदा चीबा; रक्षेतराष्ट्र गुण एवं उपचार-उपाय।

PE — (J) स्वास्थ्य शिक्षा एवं पोषण

  • अवधारणा, अर्थ, सांचा, उद्देश्य, नियम, आवश्यकता।
  • वैयक्तिक स्वच्छता: त्वचा, बाल, आँख, कान, नाक, दाँत, पैर, वस्त्र; विश्राम, नींद, निरुक्ति; शराब एवं धूम्रपान का प्रभाव।
  • पाठशाला स्वास्थ्य-कार्यक्रम में पोषण: परिसर, सुरक्षा, चिकित्सकीय परीक्षण, निरीक्षण, आरोग्य-केंद्र संगठन (Communicable Disease Centers)।
  • पोषण: संतुलित आहार, घटक, दैनिक ऊर्जा-आवश्यकताएँ।
  • संक्रामक रोग: इन्फ़्लुएंज़ा, मलेरिया, चिचड़ी, तपेदिक, टाइफ़ॉइड, कलिहा, खसरा।

PE — (K) व्यायाम शरीर क्रिया विज्ञान

  • अर्थ, महत्व; ऊर्जा-स्रोत: ATP, क्रिएटिन फ़ॉस्फ़ेट, वनपोषन (Metabolism)।
  • ऊँचाई, ऊष्म, जल-संख्य एवं अनुकूलित प्रभाव।
  • आसन (Posture): अर्थ, प्रकार, कारण, महत्व, नियम, परीक्षण।
  • आसन-विकाराएँ: क reload अधोकः (Kyphosis), अधोबोध (Lordosis), स्कोलिओसिस, घोड़ों के चरणू (Bow Legs), कामी घोTowardsट, चप्चप पैर; निवारक एवं उपचार उपाय, सुधारात्मक व्यायाम, फिज़ियोथेरेपी।

PE — (L) खेल एवं खेल-गति (Games) विशेषीकरण

  • मापन, कौशल, इतिहास, शब्दावली: ट्रैक-फ़िल्ड (स्प्रिंट, मध्य, दीर्घ-दूरी, छलांगें, फेंक), बैडमिंटन, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी, खो-खो, जूडो, पहलवानी।
  • खेल पुरस्कार एवं अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता।

PE — (M) शारीरिक शिक्षा में अनुसंधान

  • महत्व, वर्गीकरण, नैतिक विचार; अनुसंधान विधियाँ — सविस्तर वर्णन (Descriptive), ऐतिहासिक, प्राथमिक।
  • अनुसंधान विन्यास (Research Designs), समस्या-पहचान, पराकल्पना (Hypothesis) निर्माण एवं परीक्षण।
  • अनुसंधान औज़ार: प्रश्नावली, साक्षात्कार, अवलोकन; साहित्य-खोज — पुस्तकालय, डेटाबेस, इंटरनेट, पत्रिका।
  • मापनमापी-शास्त्र (Sampling): प्रायिकता/गैर-प्रायिकता; डेटा-प्रकार, संग्रहन, श्रेणी-पैमाना, सामान्य प्रायिकता ग्राफ़।
  • सांख्यिकीय तकनीकें: पैरामेट्रिक, गैर-पैरामेट्रिक: अनुसंधान-प्रस्तावना, स्कोर-रिपोर्ट, संक्षिप्ति (Abstract), अवलोकनावत रितीयोग्व (Paper)।

पाठ्यक्रम 3 — HPRCA अध्यापक (संस्कृत)

  • अध्यापक (संस्कृत) पाठ्यक्रम संस्कृत व्याकरण, साहित्य, भाषा-शास्त्र, दर्शन, वैदिक साहित्य, धर्मशास्त्र को एक-वर्षीय B.Ed विषयों एवं सामान्य जागरूकता के साथ कवर करता है।

संस्कृत — (i) व्याकरण (लघुसिद्धांत कौमुदी अनुसार)

  • संज्ञा प्रकरण — प्रत्याहार सूत्र, उच्चारण-स्थान (ओस्त्थ), अंतर्भाव-प्रयत्न एवं बाह्य-प्रयत्न, सूत्र-व्याख्या सहित।
  • संधि प्रकरण — अच् (Ach Sandhi), हल् (Hal Sandhi), विसर्ग संधि, सूत्र-व्याख्या सहित।
  • शब्द लिंग प्रकरण — अकारत पुल्लिंग, अकारत स्त्रीलिंग, अकारत नपुंसकलिंग, सूत्र-व्याख्या सहित।
  • धातुरूप — परस्मैपद, आत्मनेपद; लकार — लट् (Lat), लृट् (Lrit), संग्रहार्थ (Lang), लोट् (Lot), विधिलिंग (Vidhilinga)।
  • कारक प्रकरण — कर्ता, कर्म, करण, संप्रदान, अपादान, संबंध, अधिकरण कारक, सूत्र-व्याख्या सहित।
  • समास प्रकरण — पूर्वपद प्रधान, उत्तरपद प्रधान, उभयपद प्रधान, अन्य-पद प्रधान समास।
  • प्रत्यय प्रकरण — कृदंत (कृत्, क्त्वा, तुमुन्, तरवा तृन् (Shatri), शतु (Shanach), क्त, क्तवतु), तद्धित (तल्, मतुप्, इन्, ठक्), स्त्री-प्रत्यय (तप्, ङीप्, ङीष्, ऊरु आदि)।

संस्कृत — (ii) साहित्यशास्त्र

  • रामायण एवं महाभारत की परिचयन (Introduction)।
  • रघुवंशम् (प्रथम एवं द्वितीय सर्ग)।
  • नैषधीयचरितम् (प्रथम)।
  • मेघदूत।
  • उत्तर रामचरितम्।
  • अभिज्ञानशाकुन्तलम् (प्रथम से चतुर्थ अंक)।
  • श्रीमद्भगवद्गीता (अध्याय 2, 3, 14, 17)।
  • कादंबरी (कथामुख)।
  • दशकुमारचरितम् (सप्तम एवं अष्टम उच्छ्वास)।
  • पंचतंत्र एवं हितोपदेश।
  • काव्यप्रकाश एवं साहित्यदर्पण: काव्य-दर्शीय, काव्य-लक्षण, काव्य-हेतु, काव्य-भेद, गुण निरूपण, रस-प्रकरण, रस-दोष, रीति निरूपण, शब्द-शक्ति (अभिधा, लक्षणा, व्यञ्जना), रस-निष्पत्ति।
  • वृत्तरत्नाकर: छंद — अनुष्टुप्, इन्द्रवज्रा, उपेन्द्रवज्रा, वसन्ततिलका, मालिनी, शिखरिणी, शार्दूलविक्रीडित; अलंकार — अनुप्रास, यमक, उपमा, रूपक, समासोक्ति, संदेह, विभावना, दृष्टान्त, अभावोक्ति (Swabhavokti)।

संस्कृत — (iii) भाषा विज्ञान

  • भाषा एवं वाणी, भाषा की उत्पत्ति एवं व्यापार।
  • स्वर विज्ञान (Phonetics), स्वर-अनुसार (Duration), तीव्रता (Stress), धवनि (Phoneme), महाप्राण-विश्लेषण नियम।
  • वाक्य-निर्माण के घटक, शब्द-क्रम, अर्थ-परिवर्तन के कारण।

संस्कृत — (iv) दर्शनशास्त्र

  • कणाद-गौतमीयम्: सप्तपदार्थ, नवद्रव्य, गुण निरूपण, कर्म सिद्धांत, संवर्धन (Samvaya), वैशेषिक, अभाव।
  • वेदान्त सार: पंचप्राण, पंचकोश, अनुसबन्ध चतुष्टय, श्रृष्टि प्रक्रिया, अज्ञान (Avidya), माया, जीव, ईश्वर।
  • सांख्यकारिका: सत्कार्यवाद, श्रृष्टि प्रक्रिया, पुरुष स्वरूप, दुःख निरूपण, आत्मा, अवहार (Vikari-Avikari तत्व)।
  • तर्कभाषा: षोड़शपदार्थ, त्रिविध शास्त्र-प्रवृत्ति, लक्षण-विवरण (Lakshan), प्रमाण, प्रमेय, कारण, कार्य, सिद्धांत-विवेचन (Anuman), विचार-सेंस (Ling Paramarsh), पंचावयव, हेत्वभास।

संस्कृत — (v) वैदिक साहित्य

  • ऋग्वेद अग्नि सूक्त (मंडल 1, सूक्त 1); सूर्य सूक्त (मंडल 1, सूक्त 115); विष्णु सूक्त (मंडल 1, सूक्त 154); इन्द्र सूक्त (मंडल 2, सूक्त 12); उषा सूक्त (मंडल 3, सूक्त 61); पर्जन्य सूक्त (मंडल 5, सूक्त 83); पुरुष सूक्त (मंडल 10, सूक्त 90); हिरण्यगर्भ सूक्त (मंडल 10, सूक्त 121)।
  • अथर्ववेद: पृथ्वी सूक्त।
  • ईशावास्योपनिषद एवं मुण्डकोपनिषद।
  • निरुक्त: षड् भावविकार, मंत्र — सार्थक या निरर्थक।
  • निघण्टु: निर्घण्टव वाक्य व्याख्या (Nirvachanani)।

संस्कृत — (vi) धर्मशास्त्र

  • मनुस्मृति: षोडश संस्कार, शौच निरूपण।
  • याज्ञवल्क्य स्मृति: आचार अध्याय, व्यवहार अध्याय।
  • पराशर स्मृति: प्रायश्चित अध्याय।
  • कौटिल्य अर्थशास्त्र: प्रथम अधिकरण, द्वितीय अधिकरण।

संस्कृत — एक-वर्षीय B.Ed विषय

  • शिक्षण-विधियाँ एवं दृष्टिकोण (व्याकरण-अनुवाद, प्रत्यक्ष विधि, संवाद-विधि)।
  • गद्य, काव्य एवं नाटक का अध्ययन (Teaching); व्याकरण एवं शब्दावली-शास्त्र (Teaching)।
  • श्रवण, वाचन, पठन एवं लेखन-कौशल के शिक्षण उपाय।
  • पाठ-नियोजन।
  • बोधगामी (Assessment) एवं व्याख्या-व्यवस्था (Evaluation)।
  • संस्कृत अध्यापन में सूचना एवं संचार तकनीक का प्रयोग।

संस्कृत — सामान्य जागरूकता

  • अन्य दोनों पदों जैसा समान सामान्य जागरूकता खंड — HP सामान्य ज्ञान, समसामयिकी, दैनिक विज्ञान, तार्किक तर्कशक्ति, सामाजिक विज्ञान, सामान्य अंग्रेजी एवं हिंदी (कक्षा 10 स्तर)।

HPRCA अध्यापक परीक्षा 2026 की तैयारी कैसे करें

  • अपने विशिष्ट पद (PET, अध्यापक शारीरिक शिक्षा, या अध्यापक संस्कृत) के आधिकारिक पाठ्यक्रम PDF से शुरू करें और अध्ययन योजना बनाने से पहले कमजोर विषय चिह्नित करें।
  • चूंकि सामान्य जागरूकता खंड तीनों पदों में समान है, इसे जल्दी तैयार करें तथा विषय-पाठ्यक्रम के साथ नियमित दोहराएँ।
  • PET एवं अध्यापक (शारीरिक शिक्षा) हेतु ऐसी विषयवार पुनरावृत्ति-संरचना बनाएँ जो सैद्धांतिक खंडों (शरीर-रचना, शरीर-क्रिया, खेल प्रशिक्षण, मनोविज्ञान) को अनुप्रयुक्त/नियम-खंडों (खेल, निर्णायकी, योग) से अलग रखे ताकि दोनों को समान समय मिले।
  • अध्यापक (संस्कृत) हेतु प्रतिदिन सूत्र-आधारित व्याकरण प्रश्नों का अभ्यास करें तथा निर्धारित साहित्य-पाठों को एक साथ के बजाय पाठ-दर-पाठ दोहराएँ।
  • इन दस्तावेज़ों से समान HP राज्य-स्तरीय CBT परीक्षाओं के पिछले प्रश्न-पत्र हल करें ताकि प्रश्न-कठिनाई एवं समय-प्रबंधन से परिचित हो सकें, क्योंकि वर्तमान अधिसूचना परीक्षा-पैटर्न विवरण नहीं देती।
  • विस्तृत भर्ती अधिसूचना हेतु आधिकारिक HPRCA वेबसाइट देखते रहें, क्योंकि परीक्षा-पैटर्न, अंक-वितरण एवं चयन प्रक्रिया पाठ्यक्रम के साथ अभी जारी नहीं हुई है।

पद पाठ्यक्रम-गहराई तुलना (सांकेतिक)

  • PET पाठ्यक्रम (6 खंड A–F) शारीरिक शिक्षा को व्यापक-क्षेत्र सारों में समेटता है; अध्यापक (शारीरिक शिक्षा) (13 खंड A–M) वही क्षेत्र पूर्ण विषय-गहराई में बिताता है, ओलंपिक आंदोलन, योग शिक्षा, अनुसंधान विधियाँ एवं व्यायाम-शरीरक्रिया विज्ञान जैसे अलग-अलग खंड सहित।
  • अध्यापक (संस्कृत) एकमात्र ऐसा पद है जिसमें विषय-विशिष्ट प्रामाणिक सामग्री है — सूत्र-आधारित व्याकरण, अध्याय-दर-अध्याय निर्धारित साहित्य-पाठ, तथा दर्शन-ग्रंथ।
  • तीनों सामान्य जागरूकता खंड समान हैं, अतः एक तैयारी-धारा सभी तीन आवेदन-विकल्पों के लिए काम आती है।
  • PET एवं अध्यापक (शारीरिक शिक्षा) दोनों के लिए आवेदित उम्मीदवार 13-खंड PE गहराई का पालन करें, जो 6-खंड PET सामग्री स्वचालित रूप से कवर करती है।
  • ये तुलनाएँ आधिकारिक दस्तावेज़ों में दिखाई गई खंड-संरचनाओं पर आधारित हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

  • HPRCA अध्यापक पाठ्यक्रम 2026 क्या है? तीन पदों — शारीरिक शिक्षा अध्यापक (PET), अध्यापक (शारीरिक शिक्षा), अध्यापक (संस्कृत) — हेतु HPRCA द्वारा जारी विषयवार CBT पाठ्यक्रम, 10 अगस्त 2026 को आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड।
  • PET एवं अध्यापक (शारीरिक शिक्षा) हेतु पाठ्यक्रम समान है? नहीं — दोनों शारीरिक शिक्षा क्षेत्रों को कवर करते हैं, पर अध्यापक (शारीरिक शिक्षा) में PET (A–F) की तुलना में अधिक खंड (A–M) एवं अधिक गहराई है।
  • क्या सामान्य जागरूकता तीनों पदों में समान है? हाँ — तीनों पाठ्यक्रम-दस्तावेज़ों में समान सामान्य जागरूकता खंड (HP GK, समसामयिकी, दैनिक विज्ञान, तर्कशक्ति, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी कक्षा 10 स्तर)।
  • पदवार पाठ्यक्रम PDF कहाँ से डाउनलोड होंगे? आधिकारिक HPRCA वेबसाइट के डाउनलोड खंड (hprca.hp.gov.in/download) से।
  • अध्यापक (संस्कृत) पाठ्यक्रम में क्या विषय हैं? व्याकरण (लघुसिद्धांत कौमुदी अनुसार), संस्कृत साहित्य, भाषा-शास्त्र, दर्शनशास्त्र, वैदिक साहित्य, धर्मशास्त्र, एक-वर्षीय B.Ed विषय एवं सामान्य जागरूकता।

महत्वपूर्ण लिंक — केवल आधिकारिक

  • HPRCA आधिकारिक वेबसाइट: hprca.hp.gov.in (आधिकारिक वेबसाइट)
  • HPRCA डाउनलोड खंड (पदवार पाठ्यक्रम PDF): hprca.hp.gov.in/download
  • इस पृष्ठ पर किसी तृतीय-पक्ष लिंक का उपयोग नहीं किया गया है; पदवार पाठ्यक्रम PDF केवल आधिकारिक HPRCA डाउनलोड-खंड से डाउनलोड करें।

अस्वीकरण

  • यह पृष्ठ 10 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक पाठ्यक्रम दस्तावेज़ों पर आधारित HPRCA अध्यापक CBT पाठ्यक्रम (PET, अध्यापक शारीरिक शिक्षा, अध्यापक संस्कृत) का सूचनात्मक सारांश है।
  • परीक्षा-पैटर्न विवरण (अंक, प्रश्न-संख्या, अवधि, उत्तीर्णक अंक, नकारात्मक अंकन) पाठ्यक्रम-दस्तावेज़ों का हिस्सा नहीं हैं और विस्तृत HPRCA भर्ती अधिसूचना से पुष्ट किए जाने चाहिए।
  • इसका हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग से कोई संबद्धता नहीं है और यह आयोग द्वारा अनुमोदित नहीं है।
  • विवरण हमेशा https://hprca.hp.gov.in/ पर सत्यापित करें।

और सरकारी नौकरियाँ देखें

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प्रकाशित: 4 Nov 2026स्रोत: Himachal Pradesh Rajya Chayan Aayog (HPRCA)माध्यम: official

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HPRCA अध्यापक पाठ्यक्रम 2026 — पिईटी, अध्यापक (शारीरिक शिक्षा) एवं अध्यापक (संस्कृत) हेतु CBT पाठ्यक्रम एक सरकारी भर्ती सूचना है जिसे Himachal Pradesh Rajya Chayan Aayog (HPRCA), Hamirpur द्वारा प्रकाशित किया गया है। पद के लिए विचारित होने के लिए अंतिम तिथि से पहले आवेदन करें।

Himachal Pradesh Rajya Chayan Aayog (HPRCA), Hamirpur भर्ती 2026 के लिए आवेदन कब शुरू होते हैं?

Himachal Pradesh Rajya Chayan Aayog (HPRCA), Hamirpur भर्ती 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन 04 November 2026 से शुरू होते हैं।

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