अंतिम अपडेट: 03 Nov 2026आधिकारिक सूचनाराज्य सरकारsyllabus
APPSC तकनीकी सहायक पाठ्यक्रम 2026 — परीक्षा पैटर्न एवं विषयवार पाठ्यक्रम (अधिसूचना 32/2026)
Andhra Pradesh Public Service Commission (APPSC)
Andhra Pradesh - Andhra Pradesh
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Andhra Pradesh Public Service Commission महत्वपूर्ण तिथियाँ 2026
आवेदन प्रारंभ तिथि3 Nov 2026
Andhra Pradesh Public Service Commission पूर्ण विवरण
APPSC तकनीकी सहायक पाठ्यक्रम 2026 — परीक्षा पैटर्न एवं विषयवार पाठ्यक्रम (अधिसूचना 32/2026)
APPSC और तकनीकी सहायक भर्ती के बारे में
- आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (APPSC) भारत के संविधान के अनुच्छेद 315 के अंतर्गत गठित आंध्र प्रदेश राज्य का संवैधानिक भर्ती निकाय है।
- तकनीकी सहायक भर्ती अधिसूचना संख्या 32/2026 के अंतर्गत ए.पी. खान एवं भूविज्ञान उप-सेवा (A.P. Mines and Geology Sub-Service) से संबंधित है।
- चयन दो वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्रों वाले कंप्यूटर आधारित भर्ती परीक्षण (CBRT) के माध्यम से होता है।
- आधिकारिक वेबसाइट: https://psc.ap.gov.in/
- पात्रता, रिक्ति विवरण एवं सभी शर्तों हेतु उम्मीदवारों को विस्तृत अधिसूचना पढ़नी चाहिए।
- कार्य स्थान: आंध्र प्रदेश।
APPSC तकनीकी सहायक भर्ती — मुख्य बिंदु
- आयोजक: आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (APPSC)।
- पद: तकनीकी सहायक — ए.पी. खान एवं भूविज्ञान उप-सेवा।
- अधिसूचना संख्या: 32/2026।
- परीक्षा मोड: कंप्यूटर आधारित भर्ती परीक्षण (CBRT)।
- प्रश्न प्रकार: वस्तुनिष्ठ।
- प्रश्नपत्र: 2 — सामान्य अध्ययन एवं मानसिक योग्यता; भूविज्ञान।
- कुल प्रश्न एवं अंक: 300 प्रश्न, 300 अंक।
- कुल अवधि: 300 मिनट (प्रति प्रश्नपत्र 150 मिनट)।
- नकारात्मक अंकन: प्रत्येक गलत उत्तर पर प्रश्न के अंकों का एक-तिहाई कटौती।
- संक्षिप्त अधिसूचना: 13 अक्टूबर 2026 (बताई गई)।
चयन प्रक्रिया — एक नज़र में
- चरण 1 — आवेदन: उम्मीदवार अधिसूचित अवधि में APPSC वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करते हैं।
- चरण 2 — CBRT (पेपर I एवं पेपर II): दोनों प्रश्नपत्र कंप्यूटर पर होते हैं।
- कोई अलग स्क्रीनिंग परीक्षा नहीं है।
- सामान्यीकरण (नॉर्मलाइज़ेशन): यदि परीक्षा एक से अधिक सत्रों में आयोजित होती है, तो आयोग आवश्यकतानुसार सामान्यीकरण लागू कर सकता है।
महत्वपूर्ण तिथियाँ (बताई गई)
- संक्षिप्त अधिसूचना जारी: 13 अक्टूबर 2026।
- विस्तृत अधिसूचना: 6 नवंबर 2026 या उससे पहले।
- ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ: 6 नवंबर 2026।
- आवेदन की अंतिम तिथि: 26 नवंबर 2026 (रात 11:59 बजे तक)।
CBRT परीक्षा पैटर्न
| प्रश्नपत्र | विषय | प्रश्न | अंक | अवधि |
|---|---|---|---|---|
| पेपर I | सामान्य अध्ययन एवं मानसिक योग्यता | 150 | 150 | 150 मिनट |
| पेपर II | भूविज्ञान (जियोलॉजी) | 150 | 150 | 150 मिनट |
| कुल | 300 | 300 | 300 मिनट |
- दोनों प्रश्नपत्र वस्तुनिष्ठ प्रकार के हैं और स्नातक स्तर पर निर्धारित हैं।
- पेपर I में सामान्य अध्ययन एवं मानसिक योग्यता; पेपर II में भूविज्ञान परखा जाता है।
- प्रत्येक प्रश्नपत्र 150 मिनट में 150 प्रश्न, 150 अंक का है।
- परीक्षा CBRT मोड में ऑनलाइन आयोजित होती है।
- श्रेणीवार उत्तीर्णक अंक (UR/EWS/OBC/SC/ST): जाँचे गए स्रोतों में निर्दिष्ट नहीं — विस्तृत अधिसूचना से पुष्टि करें।
अंकन योजना एवं मुख्य नियम
- प्रत्येक प्रश्न वस्तुनिष्ठ है, और प्रत्येक प्रश्नपत्र 150 अंक का है।
- प्रत्येक गलत उत्तर पर प्रश्न के निर्दिष्ट अंकों का एक-तिहाई कटौती होती है।
- अनुत्तरित प्रश्नों पर कोई दंड नहीं — अंधाधुंध अनुमान से बचें।
- यदि परीक्षा कई सत्रों में आयोजित होती है तो आयोग के नियमों के अनुसार सामान्यीकरण लागू हो सकता है।
पेपर I — सामान्य अध्ययन एवं मानसिक योग्यता
- समसामयिक घटनाएँ: प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं आंध्र प्रदेश की घटनाएँ और मुद्दे।
- सामान्य विज्ञान: विज्ञान के दैनिक अनुप्रयोग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में विकास, तथा सूचना प्रौद्योगिकी।
- भारतीय इतिहास: सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक पहलू, आंध्र प्रदेश और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन पर विशेष बल।
- भूगोल: भारत का भूगोल, आंध्र प्रदेश पर विशेष ध्यान।
- भारतीय राजव्यवस्था एवं शासन: संवैधानिक मुद्दे, जन-नीति, सुधार और ई-गवर्नेंस पहल।
- भारतीय अर्थव्यवस्था: भारतीय अर्थव्यवस्था और नियोजन।
- पर्यावरण: सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण।
- आपदा प्रबंधन: संवेदनशीलता प्रोफ़ाइल, रोकथाम और शमन, तथा आपदा आकलन में रिमोट सेंसिंग और GIS का उपयोग।
- तार्किक तर्क: तार्किक तर्कशक्ति, विश्लेषणात्मक क्षमता और तार्किक व्याख्या।
- डेटा विश्लेषण: सारणीकरण, दृश्य प्रतिनिधित्व, मूल सांख्यिकी (माध्य, माध्यिका, बहुलक, प्रसरण) और डेटा व्याख्या।
पेपर II — भूविज्ञान (चार भाग)
- पेपर II में भूविज्ञान चार भागों में है: (A) सामान्य भूविज्ञान, भू-आकृति विज्ञान एवं संरचनात्मक भूविज्ञान; (B) क्रिस्टलग्राफी, खनिज विज्ञान एवं आर्थिक भूविज्ञान; (C) पेट्रोलॉजी; (D) जीवाश्म विज्ञान एवं स्ट्रेटिग्राफी।
- नीचे दी गई विषय सूचियाँ संदर्भ पाठ्यक्रम में दी गई संरचना का अनुसरण करती हैं।
(A) सामान्य भूविज्ञान, भू-आकृति विज्ञान एवं संरचनात्मक भूविज्ञान
- सामान्य भूविज्ञान — सौर मंडल।
- सामान्य भूविज्ञान — पृथ्वी की उत्पत्ति, आयु एवं आंतरिक संरचना।
- सामान्य भूविज्ञान — ज्वालामुखी: प्रकार, वितरण एवं उत्पाद।
- सामान्य भूविज्ञान — भूकंप: तीव्रता, परिमाण, कारण एवं प्रभाव।
- सामान्य भूविज्ञान — आइसोस्टेसी, जियोसिंकलाइन एवं पर्वत निर्माण।
- सामान्य भूविज्ञान — महाद्वीपीय विस्थापन, समुद्र-तल प्रसार एवं प्लेट विवर्तनिकी।
- भू-आकृति विज्ञान — मूल अवधारणाएँ; आंतरिक एवं बाह्य प्रक्रिएँ।
- भू-आकृति विज्ञान — अपक्षय एवं अपरदन चक्र।
- भू-आकृति विज्ञान — नदी निर्मित स्थलरूप एवं अपवाह प्रारूप।
- भू-आकृति विज्ञान — वायवीय, समुद्री, हिमनदीय एवं कार्स्ट परिदृश्य।
- भू-आकृति विज्ञान — रिमोट सेंसिंग के तत्व।
- संरचनात्मक भूविज्ञान — प्राथमिक एवं द्वितीयक संरचनाएँ; डिप एवं स्ट्राइक।
- संरचनात्मक भूविज्ञान — असंगतियाँ (अनकॉनफॉर्मिटी)।
- संरचनात्मक भूविज्ञान — वलन, विदर, भ्रंश, फॉलिएशन, लाइनेशन, ओवरथ्रस्ट एवं नैप।
- संरचनात्मक भूविज्ञान — शैल विरूपण।
- संरचनात्मक भूविज्ञान — ब्लॉक आरेख।
- संरचनात्मक भूविज्ञान — स्टीरियोग्राफिक एवं सम-क्षेत्र जाल (नेट)।
- क्षेत्र भूविज्ञान — स्थलाकृतिक नक्शा पठन।
- क्षेत्र भूविज्ञान — भूवैज्ञानिक मानचित्रण एवं क्षेत्र मापन।
(B) क्रिस्टलग्राफी, खनिज विज्ञान एवं आर्थिक भूविज्ञान
- क्रिस्टलग्राफी — क्रिस्टल संरचना एवं क्रिस्टलग्राफी के नियम।
- क्रिस्टलग्राफी — सात क्रिस्टल तंत्रों की सममिति।
- क्रिस्टलग्राफी — प्रकाश और क्रिस्टलों की अंतर्क्रिया; पेट्रोलॉजिकल माइक्रोस्कोप एवं निकोल प्रिज़्म।
- क्रिस्टलग्राफी — प्लियोक्रोइज़्म, द्विक अपवर्तन, विलोपन कोण, द्विअपवर्तन एवं जुड़ाव (ट्विनिंग); समदैशिक, एकअक्षीय एवं द्विअक्षीय खनिज।
- खनिज विज्ञान — सामान्य शैल-निर्माणक खनिजों के भौतिक, रासायनिक एवं प्रकाशिक गुण: क्वार्ट्ज़, फेल्डस्पार, अभ्रक, पाइरॉक्सीन, एम्फिबोल, ओलिवीन, गार्नेट, क्लोराइट, कार्बोनेट एवं एल्युमिनोसिलिकेट।
- खनिज विज्ञान — सिलिकेट संरचनाएँ एवं क्रिस्टल रसायन।
- खनिज विज्ञान — रत्न (जेमस्टोन)।
- आर्थिक भूविज्ञान — अयस्क, अयस्क खनिज एवं गैंग्यू।
- आर्थिक भूविज्ञान — अयस्क निक्षेपों का वर्गीकरण एवं निर्माण।
- आर्थिक भूविज्ञान — एल्युमिनियम, क्रोमियम, तांबा, सोना, सीसा, जस्ता, लोहा, मैंगनीज एवं रेडियोसक्रिय तत्व अयस्कों की भारतीय उपस्थिति।
- आर्थिक भूविज्ञान — अपघर्षक, रिफ्रैक्टरी एवं सिरेमिक खनिज।
- आर्थिक भूविज्ञान — कोयला, पेट्रोलियम एवं खनिज अन्वेषण।
(C) पेट्रोलॉजी
- आग्नेय पेट्रोलॉजी — मैग्मा की उत्पत्ति एवं आग्नेय शैलों का निर्माण।
- आग्नेय पेट्रोलॉजी — बोवेन क्रिया सिद्धांत; द्विअंग तंत्रों का क्रिस्टलीकरण।
- आग्नेय पेट्रोलॉजी — वर्गीकरण, बनावट एवं संरचनाएँ; ग्रेनाइट, सायनाइट, डायोराइट, मैफिक एवं अल्ट्रामैफिक शैल, एनॉर्थोसाइट एवं क्षारीय शैल।
- अवसादी पेट्रोलॉजी — अवसादी प्रक्रिएँ एवं उत्पाद; वर्गीकरण; अवसादी संरचनाएँ।
- अवसादी पेट्रोलॉजी — अवशिष्ट एवं क्लास्टिक निक्षेप; खनिज संगठन एवं बनावट।
- अवसादी पेट्रोलॉजी — क्वार्ट्ज़ एरेनाइट, आर्कोज़, ग्रेवैक, तथा रासायनिक एवं जैविक उद्गम के सिलिसियस एवं कैल्केरियस निक्षेप।
- रूपांतरित पेट्रोलॉजी — रूपांतरण के प्रकार एवं कारक; मंडल (ज़ोन), ग्रेड एवं फेसिज़।
- रूपांतरित पेट्रोलॉजी — प्रादेशिक एवं संपर्क रूपांतरण; बनावट एवं संरचनाएँ।
- रूपांतरित पेट्रोलॉजी — मृत्तिका, अरेनासियस, कैल्केरियस एवं मूल शैलों का रूपांतरण; मेटासोमैटिज़्म।
(D) जीवाश्म विज्ञान एवं स्ट्रेटिग्राफी
- जीवाश्म विज्ञान — जंतुओं की आदतें एवं आवास; जीवाश्म, जीवाश्मीकरण एवं संरक्षण के ढंग; जीवाश्मों के अनुप्रयोग।
- जीवाश्म विज्ञान — फोरामिनिफेरिडा, ब्रैकियोपोडा, बाइवाल्विया, गैस्ट्रोपोडा, सेफेलोपोडा, ट्राइलोबाइटा, इकाइनॉइडिया एवं एंथोज़ोआ की आकारिकी एवं भूवैज्ञानिक इतिहास।
- जीवाश्म विज्ञान — सिवालिक स्तनधारी एवं गोंडवाना वनस्पति।
- स्ट्रेटिग्राफी — स्ट्रेटिग्राफी के मूल नियम; लिथोस्ट्रेटिग्राफिक, बायोस्ट्रेटिग्राफिक एवं क्रोनोस्ट्रेटिग्राफिक वर्गीकरण; भूवैज्ञानिक समय पैमाना।
- स्ट्रेटिग्राफी — भारत के भौतिक-प्रादेशिक विभाजन एवं भारत की स्ट्रेटिग्राफी।
- स्ट्रेटिग्राफी — धारवाड़, विंध्यन, गोंडवाना एवं सिवालिक सुपरग्रुप: उपविभाजन, लिथोलॉजी, जीवाश्म, वितरण एवं आर्थिक महत्व।
APPSC तकनीकी सहायक परीक्षा की तैयारी कैसे करें
- पाठ्यक्रम को प्रश्नपत्रवार बाँटें: सामान्य अध्ययन एवं मानसिक योग्यता हेतु एक चेकलिस्ट और भूविज्ञान के चार भागों हेतु अलग चेकलिस्ट बनाएँ, और विषय पूरे होने पर टिक करते जाएँ।
- भूविज्ञान को समान समय दें: दोनों प्रश्नपत्र 150 अंक के हैं, इसलिए तकनीकी प्रश्नपत्र परिणाम का उतना ही बड़ा हिस्सा तय करता है — खनिज एवं शैल पहचान, संरचनात्मक भूविज्ञान और भारतीय स्ट्रेटिग्राफी पर अतिरिक्त समय दें।
- आंध्र प्रदेश को पेपर I का केंद्र बनाएँ: पाठ्यक्रम बार-बार राज्य पर बल देता है, इसलिए उसका इतिहास, भूगोल, शासन एवं समसामयिक घटनाएँ पहले तैयार करें।
- तर्क एवं डेटा प्रश्नों का नियमित अभ्यास करें: तार्किक तर्क और डेटा व्याख्या स्कोरिंग क्षेत्र हैं जो दैनिक अभ्यास से सुधरते हैं।
- समयबद्ध मॉक टेस्ट दें: प्रति प्रश्नपत्र 150 मिनट मिलते हैं, इसलिए पूर्ण-अवधि सेट हल करें और हर गलत उत्तर की समीक्षा करें।
- केवल वही प्रश्न हल करें जिनमें विकल्प संकीर्ण कर सकें: एक-तिहाई नकारात्मक अंकन के साथ, पहले विकल्प हटाएँ और जहाँ कुछ भी बाहर नहीं कर सकते वहाँ छोड़ दें।
60-दिवसीय अध्ययन योजना (सांकेतिक)
- दिन 1–15 — आधार: पेपर I खंड (समसामयिक घटनाएँ, एपी-केंद्रित इतिहास-भूगोल-राजव्यवस्था-अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, आपदा प्रबंधन) एवं भूविज्ञान भाग (A) कवर करें।
- दिन 16–30 — भूविज्ञान मूल: खनिज/शैल पहचान अभ्यास एवं चिह्नित आरेखों के साथ भाग (B) और (C) पूरे करें।
- दिन 31–45 — पूर्णता: भाग (D) स्ट्रेटिग्राफी, पेपर I तर्क एवं डेटा विश्लेषण अभ्यास, तथा खंडवार टेस्ट पूरे करें।
- दिन 46–60 — मॉक: 150-मिनट समय में प्रति प्रश्नपत्र पूर्ण-अवधि 150-प्रश्न मॉक, त्रुटि विश्लेषण, एवं कमजोर क्षेत्रों का दोहराव।
सामान्य गलतियाँ जिनसे बचें
- समान 150-अंक भारांक के बावजूद पेपर II भूविज्ञान की कम तैयारी करना।
- इतिहास, भूगोल एवं समसामयिक मामलों में आंध्र प्रदेश-विशिष्ट सामग्री को अनदेखा करना।
- एक-तिहाई नकारात्मक अंकन के बावजूद अंधाधुंध अनुमान लगाना।
- संरचनात्मक एवं क्षेत्र भूविज्ञान विषयों हेतु आरेख एवं नक्शा अभ्यास छोड़ देना।
- तैयारी अंतिम रूप देने से पहले विस्तृत अधिसूचना (6 नवंबर 2026 या उससे पहले जारी) न पढ़ना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- APPSC तकनीकी सहायक पाठ्यक्रम 2026 क्या है? दो प्रश्नपत्र — पेपर I: सामान्य अध्ययन एवं मानसिक योग्यता; पेपर II: भूविज्ञान (सामान्य भूविज्ञान, भू-आकृति विज्ञान, संरचनात्मक भूविज्ञान, क्रिस्टलग्राफी, खनिज विज्ञान, आर्थिक भूविज्ञान, पेट्रोलॉजी, जीवाश्म विज्ञान, भारतीय स्ट्रेटिग्राफी)।
- परीक्षा पैटर्न क्या है? दो प्रश्नपत्रों वाला कंप्यूटर-आधारित वस्तुनिष्ठ परीक्षण, प्रत्येक 150 प्रश्न एवं 150 अंक का; प्रत्येक प्रश्नपत्र 150 मिनट — कुल 300 प्रश्न, 300 अंक, 300 मिनट।
- कितने प्रश्न पूछे जाते हैं? कुल 300: पेपर I में 150 और पेपर II में 150।
- क्या नकारात्मक अंकन है? हाँ — प्रत्येक गलत उत्तर पर प्रश्न के निर्दिष्ट अंकों का एक-तिहाई कटौती होती है।
- क्या कोई अलग स्क्रीनिंग परीक्षा है? नहीं — परीक्षा पैटर्न के अनुसार कोई अलग स्क्रीनिंग परीक्षा नहीं है।
महत्वपूर्ण लिंक — केवल आधिकारिक
- APPSC आधिकारिक वेबसाइट: psc.ap.gov.in (आधिकारिक वेबसाइट)
- विस्तृत अधिसूचना एवं परीक्षा योजना केवल आधिकारिक APPSC वेबसाइट पर प्रकाशित होती है।
अस्वीकरण
- यह पृष्ठ प्रकाशित स्रोतों पर आधारित ए.पी. खान एवं भूविज्ञान उप-सेवा (अधिसूचना 32/2026) हेतु APPSC तकनीकी सहायक परीक्षा पैटर्न एवं पाठ्यक्रम का सूचनात्मक सारांश है।
- इसका आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग से कोई संबद्धता नहीं है और यह आयोग द्वारा अनुमोदित नहीं है।
- विस्तृत अधिसूचना एवं आधिकारिक पाठ्यक्रम पात्रता, तिथियों, उत्तीर्णक अंकों एवं पैटर्न सहित सभी विवरणों हेतु बाध्यकारी एवं अंतिम स्रोत हैं।
- विवरण हमेशा https://psc.ap.gov.in/ पर सत्यापित करें।
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आधिकारिक सूचना (PDF)
आधिकारिक सूचना PDF डाउनलोड करेंप्रकाशित: 3 Nov 2026स्रोत: Andhra Pradesh Public Service Commission (APPSC)माध्यम: official
Andhra Pradesh Public Service Commission अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
APPSC तकनीकी सहायक पाठ्यक्रम 2026 — परीक्षा पैटर्न एवं विषयवार पाठ्यक्रम (अधिसूचना 32/2026) क्या है?
APPSC तकनीकी सहायक पाठ्यक्रम 2026 — परीक्षा पैटर्न एवं विषयवार पाठ्यक्रम (अधिसूचना 32/2026) एक सरकारी भर्ती सूचना है जिसे Andhra Pradesh Public Service Commission द्वारा प्रकाशित किया गया है। पद के लिए विचारित होने के लिए अंतिम तिथि से पहले आवेदन करें।
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